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SERIES - Xमकर राशि ( Capricorn )( भो , जा , जी , खी , खू , खे , खो , ग , गी )मित्रों , 9 सितम्वर , 2009 को 23:59:18 बजे हमारे ब्रह्माण्ड को प्रभावित करने वाले एक प्रमुख ग्रह " श्री शनि देव " का 'कन्या - राशि ' में राशि परिवर्तन हो चूका है ! इस राशि में शनि देव 9 सितम्वर , 2009 को 23:59:18 बजे से 15 नवम्वर , 2011 को 10:11:53 बजे तक रहेंगे एवं पुनः 16 मई , 2012 को 06:35:27 बजे से 04 अगस्त , 2012 को 08:45:44 बजे तक रहेंगे ! शनि देव का यह राशि परिवर्तन हमारे सभी राशि को अवश्य प्रभावित करेंगे ! अतः इस नए सीरीज़ में हम रो ज एक -एक कर सभी राशि वालों पर श्री शनि देव के प्रभावों का विस्तृत जानकारी प्रकाशित कर रहे हैं ताकि आप पूर्ण रूप से लाभान्वित हो सकें !
इस अवधि में शनि देव आपके कुंडली में नवम भाव से विचरण करेंगे । यह विपाती व व्यथा का सूचक है । आपके कार्य क्षेत्र के लिए यह समय कठिनायीपूर्ण है । आपका स्थानान्तरण हो सकता है व कार्य में सफालता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त परिश्रम करना पड़ सकता है। शत्रुओं व अपने नीचे काम करने वाले सहयोगियों से सावधान रहें क्योंकि वे आपको इस समय धोखा दे सकते हैं । किसी भी ऐसी बात से बचें जिसके कारण आपको अपनी कार्यस्थली अथवा समाज में बदनामी मिले । मनवांछित लाभ पाने में और सामान्य दिनों से अधिक समय लग सकता है ।
वित्त के प्रति भी सावधानी बरतनी पड़ेगी । इस दौरान आपके फिजूलखर्ची करने की संभावना है । आपमें से कुछ इसके लिए अतिरिक्त आय भी करेंगे परन्तु अनेक बाधाओं का सामना भी करना पड़ सकता है ।
मुकदमेबाजी , आपराधिक गतिविधियों व धर्म - विरोधी कृत्यों से दूर रहें । आपमें से कुछ इस दौरान अपराध जगत के फंदे में भी फंस सकते हैं ।
स्वास्थ्य की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है । मानसिक रूप से आप पत्नी / पति व बच्चों के कारण व अन्य कारणों से भी अशांत व व्यथित रह सकते हैं । आपका पुत्र किसी जानलेवा रोग से ग्रस्त हो सकता है । आपमें से कुछ को किसी निकट सम्बन्धी के दह - संस्कार में सम्मिलित होना पड़ सकता है ।
नोट : " उपरोक्त प्रभाव में आंशिक रूप से अंतर ( कमी/ज्यादा ) आपके कुंडली में चल रहे दशा-अन्तर्दशा एवं लग्न व राशि की स्थिति से भी हो सकता है ."
* विशेष जानकारी हेतु आप हमसे कभी भी वैयक्तिक रूप से या मेरे E - मेल द्वारा संपर्क कर सकते हैं *
-- आचार्य रंजन
- आचार्य रंजन ( ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ ), बेगुसराय ( बिहार )
यदि आपका जन्म पृथ्वी के किसी भी भाग में एवं किसी भी समय में जन्म क्यों ना लिया हो , निचे बताये गए स्वभाव में कोई परिवर्तन नहीं आएगा । अतः आप केवल अपने जन्म की तारीख मात्र से इस लेख की श्रृंख्ला से लाभान्वित हो सकते हैं -यदि आपका जन्म सितम्वर माह के 17 तारीख का हो , तो ......
स्वभाव : प्रारम्भिक वर्षों में , लगभग ३५ वर्ष की आयु तक , आपको अनेक बाधक प्रभावों का सामना करना पड़ेगा । उसके बाद आप अपने प्रतिकूल वातावरण से मुक्त हो जायेंगे और आपकी आकांक्षाएं पूरी होंगी । आप धीर , गंभीर होंगे । असामान्य विषयों का अध्ययन करना चाहेंगे और आपमें अपने ही खोल में रहे आने की प्रवृति होगी । आम लोगों के बारे में रुझान उनकी अति आलोचना करने और संदेही होने का होगा । अपने काम में पूरे ईमानदार होंगे लेकिन उसमें जितना दिमाग लगायेंगे उसका आपको उचीत श्रेय नहीं मिलेगा । आप पुरानी पुस्तकें , पुस्तकालय और संग्रहालय पसंद करेंगे और ऐसे विषयों पर पुस्तकें लिखना या संग्रह करना चाहेंगे । आर्थिक दशा : हर हालत में अति - सतर्कता की भावना के कारण आप धन कमाने के अच्छे अवसर गँवा देंगे । इसके लिए आप प्रायः पश्च्ताताप भी करेंगे , लेकिन आप कुछ ठोस धंधों में या कोयला खान , भूमि और मकान जैसी संपत्ति में अच्छी पूँजी लगायेंगे । स्वास्थय : आप शारीर से बहुत तगडे होंगे और दिमागी काम में भी भारी सहन- शक्ति और क्षमता होगी । बहुत अधिक बैठकर काम करने से आंत की रुकावट , हर्निया , खुजली जैसे रोगों के आप शिकार हो सकते हैं । खुले में जितना व्यायाम कर सकते हों , कीजिये । अनेक दुर्घटनाओं का सामना करने का भी योग परिलक्षित हो रहा है । * आपका शुभ अंक : ४/ ८ & इसके सभी सीरीज़ i.e.- 13/17/२२/26/35/31 /44 /53 etc.
~NOTE : आपके जीवन में 4/7 /8 अंकों का विशेष रूप से प्रभाव पड़ेगा तथा इन्हीं अंकों वाले व्यक्ति के प्रति आप आकर्षण का अनुभव विशेष रूप से करेंगे ।
* आपका अशुभ अंक : 9 एवं इसके सभी सीरीज़ ।
* आपका शुभ रंग : हल्के रंग , सफ़ेद
* आपका अशुभ रंग : , गहरा लाल
*शुभ एवं अशुभ रत्न : इसके लिए आप अपनी कुंडली की विवेचना अवश्य किसी अच्छे ज्योतिषी से करवा लें ।
SERIES - IXधनु राशि ( Sagittarius )
( ये , यो , भा , भी , भू , ध , फ , ढ , भे )मित्रों , 9 सितम्वर , 2009 को 23:59:18 बजे हमारे ब्रह्माण्ड को प्रभावित करने वाले एक प्रमुख ग्रह " श्री शनि देव " का 'कन्या - राशि ' में राशि परिवर्तन हो चूका है ! इस राशि में शनि देव 9 सितम्वर , 2009 को 23:59:18 बजे से 15 नवम्वर , 2011 को 10:11:53 बजे तक रहेंगे एवं पुनः 16 मई , 2012 को 06:35:27 बजे से 04 अगस्त , 2012 को 08:45:44 बजे तक रहेंगे ! शनि देव का यह राशि परिवर्तन हमारे सभी राशि को अवश्य प्रभावित करेंगे ! अतः इस नए सीरीज़ में हम रो ज एक -एक कर सभी राशि वालों पर श्री शनि देव के प्रभावों का विस्तृत जानकारी प्रकाशित कर रहे हैं ताकि आप पूर्ण रूप से लाभान्वित हो सकें !
इस अवधि में शनि देव आपके कुंडली में दशम भाव से विचरण करेंगे । यह स्थिति कष्ट व मानसिक संताप की सूचक है । इससे आपको काम-धंधे व जीवन के अन्य क्षेत्रों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है ।
व्यापारियों व व्यवसायियों को इस दौरान हानि हेलनी पड़ सकती है । यदि आप कृषि व्यवसाय से जुड़े हैं तो नुक्सान से बचने के उपाय करें । अआप्मेन्न से कुछ अपना व्यवसाय अथवा कार्य क्षेत्र बदलने के विषय में सोच सकते हैं । आपमें से कुछ को नौकरी मिल सकती है परन्तु इस विशेष समय में कार्य करने में कठिनाई आएगी । आप और आपके मालिक के बीच परस्पर विरुची की भावना पनप सकती है । गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें ।
आमदनी से अधिक व्यय आपको निर्धनता के कगार पर लाकर खडा कर सकता है । ऋण लेने से बचे ।
स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है । अपने घुटनों व छाती की सही देखभाल करें । आपके माता - पिता बीमार हो सकतें हैं । यहाँ तक की जीवन खतरे में पड़ सकता है ।
घर पर आप व आपकी पत्नी / पति के बीच मानसिक वैमनस्य परस्पर घृणा का कारण बन सकता है । यात्रा का योग है ।
आप में कुछ में पाप प्रवृति में लिप्त होने की तीव्र इच्छा पनप सकती है । अतः समाज में मान व प्रतिष्ठा बनाये रखें ।
नोट : " उपरोक्त प्रभाव में आंशिक रूप से अंतर ( कमी/ज्यादा ) आपके कुंडली में चल रहे दशा-अन्तर्दशा एवं लग्न व राशि की स्थिति से भी हो सकता है ."
* विशेष जानकारी हेतु आप हमसे कभी भी वैयक्तिक रूप से या मेरे E - मेल द्वारा संपर्क कर सकते हैं *
-- आचार्य रंजन
- आचार्य रंजन ( ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ ), बेगुसराय ( बिहार )
यदि आपका जन्म पृथ्वी के किसी भी भाग में एवं किसी भी समय में जन्म क्यों ना लिया हो , निचे बताये गए स्वभाव में कोई परिवर्तन नहीं आएगा । अतः आप केवल अपने जन्म की तारीख मात्र से इस लेख की श्रृंख्ला से लाभान्वित हो सकते हैं -यदि आपका जन्म सितम्वर माह के 16 तारीख का हो , तो ......
स्वभाव : आप रहस्यवाद और गुप्त विद्याओं की ओर काफी आकर्षित होंगे , लेकिन अधिक आलोचना करने वाले और संदेही होंगे । हर बात को तर्क से समझना चाहेंगे । एक बार संतुष्ट हो जाने पर अपने विशवास में अत्यंत इमानदार रहेंगे , लेकिन अपने विचार दुसरे लोगों पर लादेंगे नहीं । इन विषयों पर शोधकार्य में आप काफी समय लगायेंगे । ऐसी सम्भावना है की अपने विश्वास पर अंतिम रूप से पहुँचने से पहले आप अनेक धर्मों और विश्वासों की छानबीन करेंगे । आप मनोविज्ञान और ऐसे अन्य विषयों में और लेखक , संगीतज्ञ , रसायन-शास्त्रों या उद्योगों के संगठनकर्ता के उप में भी अच्छी सफलता प्राप्त करेंगे । भौतिक दृष्टिकोण से जीवन में प्रारंभिक वर्ष अच्छे रहने की संभावना नहीं है लेकिन बाद की आयु में अपनी वृति में धन , अच्छा पद और सफलता , सभी का आश्वासन रहेगा । आप बूढों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे और आपके सबसे अच्छे मित्र विचित्र सनकी और अपने काम तथा विचारों में सबसे अलग लोग होंगे । आर्थिक दशा : आर्थिक मामलों में आप अति चिंताग्रस्त दिखाई देंगे । आप दुसरे लोगों के हिसाब - किताब की अच्छी व्यवस्था करेंगे और उन्हें धन कमाकर भी दे सकते हैं , लेकिन निजी मामलों में इतने सतर्क रहेंगे की मार्ग में आने वाले अवसरों का पूरा लाभ नहीं उठा पायेंगे । स्वास्थय : आपके स्वास्थय पर भी आपके मन का भारी प्रभाव पड़ेगा । चिंता से शीघ्र अस्त- व्यस्त और तनावग्रस्त हो जायेंगे । पाचन अंग आपको काफी परेशान कर सकते हैं । * आपका शुभ अंक : 2/7 & इसके सभी सीरीज़ i.e.- 11/16/२०/25/34/38 /47 /52 etc.
~NOTE : आपके जीवन में 2&7 अंकों का विशेष रूप से प्रभाव पड़ेगा तथा इन्हीं अंकों वाले व्यक्ति के प्रति आप आकर्षण का अनुभव विशेष रूप से करेंगे ।
* आपका अशुभ अंक : 4/ 8 / 9 /1एवं इसके सभी सीरीज़ ।
* आपका शुभ रंग : हल्के रंग , सफ़ेद , क्रीम एवं हल्का हरा
* आपका अशुभ रंग : काला , गहरा लाल
*शुभ एवं अशुभ रत्न : इसके लिए आप अपनी कुंडली की विवेचना अवश्य किसी अच्छे ज्योतिषी से करवा लें ।
-आचार्य रंजन , बेगुसराय (बिहार)पिछले माह की तरह इस माह भी समस्त बारह राशिः का मासिक राशि - फल का पब्लिशिंग किया जा रहा है । और यह प्रत्येक माह के लगभग १५ तारीख तक पोस्ट हो जाएगा । अतः अपना राशिः एवं लग्न का पता अपने कुंडली से कर लेने के बाद ही राशि - फल पढ़ें । यदि आपका अपना कोई कुंडली नही हो तो ऐसी परिस्थिति में अपने प्रचलित नाम के प्रथम अक्षर के अनुसार भी राशि - फल देखा जा सकता है ।
मेष ( चु , चे , चो , ला , ली , लू , ले , लो , अ ) -यह समय आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलताओं का है । आप धन प्राप्ति से बैंक खातों में वृद्धी ,
समाज में उच्च स्थान व जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन की आशा कर सकते हैं ।आपकी पदोन्नति हो सकती है व सबसे ऊँचे पदाधिकारी द्वारा आपका सम्मान किया जा सकता है । आपके प्रयासों की सराहना एवं शत्रुओं की पराजय भी संभावित है ।जहाँ तक स्वास्थ्य का सवाल है तो आप रोग , अवशाद , अकर्मण्यता व चिंताओं से मुक्त रहेंगे । साथ ही आपके परिवार का स्वास्थ्य भी इस काल में उत्तम रहेगा ।
वृष ( इ , उ , ऐ , ओ , व् , वि , वू , वे , वो ) -यह समय आर्थिक चुनौतियों व् मानसिक शांति में विघ्न का सूचक है । सरकारी मसले आपके लिए चिंता का विषय बन सकते हैं । नए लोगों से शत्रुता की भी सम्भावना है , ऐसा भी संभव है की आप स्वयं को अस्वस्थ एवं अकर्मण्य अनुभव करें , अतः स्वस्थ्य की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है । संतान सम्बंधित समस्यायें भी चिंता का विषय हो सकता है , परन्तु यदि कुंडली में मंगल देव की स्थिति अच्छी हुई तो इन चिंता के विषयों में थोडी कमी आ सकती है साथ ही धन का लाभ भी हो सकता है ।
मिथुन ( का , की , कू , घ , ङः , छ , के , को , ह )-यह समय आपके वर्तमान सामाजिक स्तर व् कार्यालय में अपनी प्रतिष्ठा बनाये रखने में कठिनाई का है , क्योंकि इसमें गिरावट के संकेत हैं । अतः अपने वरिष्ठ अधिकारी , शुभचिंतकों व् परामर्शदाताओं से विवाद से बचें ।वैवाहिक जीवन में तनाव व् दाम्पत्य सुख में भी यथेष्ट कमी का अनुभव कर सकते हैं । साथ ही यात्रा बाधा एवं अपने धन व मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने का भी है , क्योंकि इस काल में चोरी की भी संभावना लग रही है ।
कर्क ( हि , हु , हे , हो , डा , डी , डू , डे , डो ) -लग्न में मंगल देव की उपस्थिति आपके व्यापार को प्रभावित कर सकता है । कुछ अनचाहे खर्च भी करने पर सकते हैं । धन व्यय करने की ललक पर नियंत्रण रखें । इस अवधी में यात्रा के भी अनेक अवसर बनने के योग दिख रहे हैं ( हो सकता है की सर-दर्द से भी पीड़ित रहें ) ।वैसे, सूर्य देव की गोचर में शुभ दृष्टि से कुल मिलाकर यह समय आपके व्यवसाय एवं व्यक्तिगत जीवन में सुख व सफलता का है । समाज में आपको और भी अधिक सम्मानीय स्थान प्राप्त हो सकता है । परिवार के सदस्य आपको स्वार्थरहित स्नेह देंगे तथा शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे । इस प्रकार व्यक्तिगत जीवन में आप स्वयं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से इतना स्वस्थ अनुभव करेंगे जैसा पहले कभी नहीं किया होगा । साथ ही आपको धन - लाभ का भी योग स्पष्ट दिख रहा है । अतः जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण सकारत्मक एवं उत्साह -पूर्ण रहेगा ।
सिंह ( मा , मी , मू , मे , मो , टा , टी , टू , टे ) -यह समय आपके लिए धन - सम्बन्धी चुनौतियों का है । इस दौरान आपको पूर्वाभास हो जाएगा की व्यापार में अपेक्षित लाभ न होकर धन का ह्राष हो रहा है ।इस समय अनेक प्रकार के प्रिय व निकट रहने वाले आक्रांत करते रहेंगे । आप अपने प्रिय व निकट रहने वाले व्यक्तियों के प्रति चिरचिरेपन का व्यवहार करेंगे । आप पायेंगे की सदा आसानी से किये जाने वाले साधारण क्रियाकलापों को करने में भी आपको कठिनाई का अनुभव हो रहा है । इन दिनों आप सर दर्द से भी परेशान रह सकते हैं ।
कन्या ( टा , पा , पी , पू , षा , ण , ठ , पे , पो ) -यह अवधी स्थायी या अस्थायी स्थान परिवर्तन , कार्य करने के स्थान पर कठिनाइयां तथा अपने वरिष्ठ अफसरों अथवा मालिक की अप्रसन्नता झेलना संभव है । इस दौरान आप थकान महसूस कर सकते हैं एवं उदर रोग , पाचन क्रिया सम्बन्धी रोग , नेत्र तथा ह्रदय से सम्बंधित समस्यायें हो सकती है । अतः स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्क रहें ।जहाँ तक घर का सम्बन्ध है , परिवार में अनबन तथा मित्रों से मन-मुटाव वाली परिस्थितियाँ गृह-कलह अथवा क्लेश का कारण बन सकती है । जीवन -साथी से असहमति अथवा विवाद आपके वैवाहिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है । कुल मिलाकर घर की शांति एवं परस्पर सामंजस्य हेतु यह समय चुनौतीपूर्ण है ।
तुला ( रा , री , रू , रे , रो , ता , ती , तू , ते ) -यह समय विशेष रूप से आर्थिक चुनौतियों से परिपूर्ण है । अतः कोई भी वित्त सम्बन्धी निर्णय सोच -
समझकर सावधानी पूर्वक लें ।यदि आप कहीं कार्यरत हैं, तो आप और आपके अधिकारी के बीच कुछ परेशानियां आ सकती हैं । अधिकारी आपके कार्य की सराहना नहीं करेंगे और संभव है की आपको दिए गए उत्तरदायित्व में कटौती करे या वेतन कम कर दे ।यदि आप व्यापारी हैं तो व्यापार में धक्का लग सकता है , किसी विवाद में ना पड़ें क्योंकि मित्र व वरिष्ट व्यक्तियों से झगडे की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता है । इस समय असंतोष आपके घर की शांति व सामंजस्य पर प्रभाव डाल सकता है ।
वृश्चिक ( तो , ना , नी , नू , ने, नो , या , यी , यूं ) -आपके लिए यह समय धन - लाभ , आर्थिक व सामजिक स्थिति में सुधार व उन्नति का स्पष्ट संकेत दे रही है ।अपने अफसर से पदोन्नति मांगने का अनुकूल समय है । इस समय आप व्यापार में लाभ , धन प्राप्ति और यहाँ तक की मित्रों से भी लाभ प्राप्त करने की आशा की जा सकती है ।समाज में भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है तथा आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा जो की परिवार के लिए आनंद -
दायक होगा ।इस काल के दौरान आपके घर कोई आध्यात्मिक निर्माणात्मक कार्य संपन्न होगा जो घर - परिवार के आनंद में वृद्धि करेगा । आमोद - प्रमोद , अच्छा स्वादिष्ट भोजन व मिष्टान्न आदि का भी वितरण होगा । कुल मिलाकर यह समय आपके व आपके परिवार के लिए शांतिपूर्ण व सुखद है ।
धनु ( ये , यो , भा , भी , भू , ध , फ , ढ , भे ) -यह समय आपके लिए शुभ है । यह लाभ , पदोन्नति , प्रगति , तथा प्रयासों में सफलता का सूचक है ।समाज में आपको और भी सम्मानीय स्थान मिल सकता है । जहां की आशा भी ना हो , ऐसी जगह से आपको अचानक लाभ प्राप्त हो सकता है । इसके अलावा आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और हर ओर सुख ही सुख बिखरा पायेंगे ।
मकर ( भो , जा , जी , खी , खू , खे , खो , ग , गी ) -इस काल का आपके जीवन पर विशेष प्रभाव पड़ेगा । आप पर किसी कुचाल के कारण दोषारोपण हो सकता है , स्थान बदल सकता है तथा मानसिक शांति का आभाव रह सकता है ।आर्थिक रूप से यह समय कठिनाई से परिपूर्ण है । पैसा वसूल करने में कठिनाई आ सकती है । साथ ही व्यर्थ के खर्चों का भी योग बन रहा है ।इन सबके बावजूद आप किसी सत्कार्य के विषय में सोच सकते हैं तथा उसमें सफलता भी प्राप्त कर सकते हैं ।
कुम्भ ( गू , गे, गो , सा , सी , सू , से , सो , दा ) -कुल मिलाकर यह समय हानि व शारीरिक व्याधियों का है । अतः व्यर्थ के खर्चों से दूर रहें तथा आर्थिक मामलों में सावधान रहें ।यह अवधि कार्यालय में अप्रिय घटनाओं की भी है एवं घर में पति / पत्नी से विवाद , झगडे का रूपं ले सकता है ।आप व्यर्थ के भय , चिंता एवं बेचैनी से आक्रांत हो सकते हैं ।किसी रिश्तेदार की समस्यायें अचानक उभरकर सामने आ सकती है व चिंता का कारण बन सकती है ।
मीन ( दी, दू , थ , झ् , ञों , दे , दो , चा , ची ) -यह समय कष्टप्रद यात्रा , स्वास्थ्य सम्बन्धी चिंताएँ तथा व्यापार में मंदी का सूचक है ।कार्यालय में अपने से वरिष्ट व्यक्तियों तथा उच्चधिकारियों से किसी प्रकार के झगडे से बचें ।अपने जीवन - साथी के शारीरिक - कष्ट , विषद व मानसिक व्यथा आपकी चिंता का कारण बन सकते हैं । बच्चों का स्वाश्थ्य भी चिंता का कारण बन सकता है । मैं समझता हूँ की यह अवधी आपके लिए थकान भरा रह सकता है ।नोट : - " ऊपर दिए गए राशि फल सामान्य हैं , अतः फल की शुभता एवं अशुभता में कमी या ज्यादा आपके कुंडली में चल रहे दशा - अन्तर्दशा पर भी निर्भर करता है . " - आचार्य रंजन ( ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ ), प्रोफ0 कोलोनी , बेगुसराय , बिहार** आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है **